Tuesday, April 21, 2015

तुम जो साथ अगर होते

मौसम सुहाने होते , गर्दिश पर सितारे होते 
पतझर में भी रोशन गुलशिता होते 
तुम जो साथ अगर होते। ....... 

मुरादों की बारिशे होती, तमन्नाओ के फूल खिलते 
यू अश्को में खुद के दामन न भिगोते 
तुम जो साथ अगर होते। ……… 

दरिया का साहिल होता , हर मंज़िल हासिल होता
यूँ सांसों के अहसानो पर न जीते 
तुम जो साथ अगर होते। ……… 


Rakesh (copyright)

Saturday, April 18, 2015

खबर ही नहीं होता


बहुत धुल मिट्टी है शहर की हवाओं में 
कब कोई दिल पथ्थर का हो जाता है, खबर ही नहीं होता 

बड़ी रंगीन है दुनिया, बड़ा मशरूफ हूँ मैं 
कब ये दिन गुज़र जाते है, ख़बर ही नहीं होता 

बड़े मासूम सपने है, बड़ी संगदिल है दुनिया 
कब कोई ख्वाब बिखर जाता है, खबर ही नहीं होता 

ऐय कोई काश सीने पर हाथ रख दे तो तसल्ली हो 
मैं जी रहा हूँ  की नहीं मुझे खबर ही नहीं होता   .... 
मैं जी रहा हूँ की नहीं मुझे खबर ही नहीं होता   !



Rakesh (copyright)