Tuesday, April 21, 2015

तुम जो साथ अगर होते

मौसम सुहाने होते , गर्दिश पर सितारे होते 
पतझर में भी रोशन गुलशिता होते 
तुम जो साथ अगर होते। ....... 

मुरादों की बारिशे होती, तमन्नाओ के फूल खिलते 
यू अश्को में खुद के दामन न भिगोते 
तुम जो साथ अगर होते। ……… 

दरिया का साहिल होता , हर मंज़िल हासिल होता
यूँ सांसों के अहसानो पर न जीते 
तुम जो साथ अगर होते। ……… 


Rakesh (copyright)

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