मौसम सुहाने होते , गर्दिश पर सितारे होते
पतझर में भी रोशन गुलशिता होते
तुम जो साथ अगर होते। .......
मुरादों की बारिशे होती, तमन्नाओ के फूल खिलते
यू अश्को में खुद के दामन न भिगोते
तुम जो साथ अगर होते। ………
दरिया का साहिल होता , हर मंज़िल हासिल होता
यूँ सांसों के अहसानो पर न जीते
यूँ सांसों के अहसानो पर न जीते
तुम जो साथ अगर होते। ………
Rakesh (copyright)